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ये बात

ये बात परसों से दो दिन पहले की ही तो है जब रोज़ के सूनसान चेहरे से हटकर एक डरी-डरी-सी मुस्कान दी थी तुमने फिर बातों-बातों में पता चला कि कागज़ के फूल तो तुम्हें भी अच्छे लगे थे ...

स्कूल की नोटबुक के पीछे

स्कूल की नोटबुक के पीछे एक नाम लिखकर के काटा था आज नन्ही बिटिया को उसी नाम से पुकारता हूँ। दिपेश कुमार

The ancient history of india

सिंधुघाटी सभ्यता कांस्य युग सिंधु घाटी सभ्यता का विकास ताम्र पाषाण युग में ही हुआ था, पर इसका विकास अपनी समकालीन सभ्यताओं से कहीं अधिक हुआ । इस काल में भारतीय उपमहाद्वीप के उत्तर पश्चिम में 2500 ई.पू. से 1700 ईं पू. के बीच एक उच्च स्तरीय सभ्यता विकसित हुई जिसकी नगर नियोजन व्यवस्था बहुत उच्च कोटि की थी । लोगो को नालियों तथा सड़को के महत्व का अनुमान था । नगर के सड़क परस्पर समकोण पर काटते थे । नगर आयताकार टुकड़ो में बंट जाता था । एक सार्वजनिक स्नानागार भी मिला है जो यहां के लोगो के धर्मानुष्ठानों में नहाने के लिए बनाया गया होगा । लोग आपस में तथा प्राचीन मेसोपोटामिया तथा फ़ारस से व्यापार भी करते थे ।लोगों का विश्वास प्रतिमा पूजन में था । लिंग पूजा का भी प्रचलन था पर यह निश्चित नहीं था कि यह हिन्दू संस्कृति का विकास क्रम था या उससे मिलती जुलती कोई अलग सभ्यता । कुछ विद्वान इसे द्रविड़ सभ्यता मानते हैं तो कुछ आर्य तो कुछ बाहरी जातियों की सभ्यता । सिंधु घाटी सभ्यता(३३००-१७०० ई.पू.) यह हड़प्पा संस्कृति विश्व की प्राचीन नदी घाटी सभ्यताओं में से एक प्रमुख सभ्यता थी। इसका विकास सिंधु नदी के...

blog se paise kase kamaye

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मैं आपको दिल्ली सल्तनत गुलाम वंश से नरेन्द्र मोदी तक के ईतिहास से परिचित कराना चाहता हुँ*

*🚩मैं आपको दिल्ली सल्तनत गुलाम वंश से नरेन्द्र मोदी तक के ईतिहास से परिचित कराना चाहता हुँ* *👉गुलाम वंश* 1=1193 मुहम्मद  गौरी 2=1206 कुतुबुद्दीन ऐबक 3=1210 आराम शाह 4=1211 इल्तुतमिश 5=1236 रुकनुद्द...

मोहब्बत की सजा बेमिसाल दी उसने,

मोहब्बत की सजा बेमिसाल दी उसने, उदास रहने की आदत सी डाल दी उसने, मैंने जब अपना बनाना चाहा उसको, बातों बातों में बात टाल दी उसने..

जिसमे याद ना आए वो तन्हाई किस काम की

जिसमे याद ना आए वो तन्हाई किस काम की, बिगड़े रिश्ते ना बने तो खुदाई किस काम की, बेशक इंसान को ऊंचाई तक जाना है, पर जहाँ से अपने ना दिखें वो उँचाई किस काम की..